➤ सतलुज में बढ़ेगा जलप्रवाह, नाथपा बांध से आज छोड़ा जाएगा 206 क्यूमेक्स पानी
➤ पंडोह बांध से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा, ब्यास नदी किनारे न जाने की अपील
➤ प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जारी किया हाई अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतलुज और ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों तथा पर्यटकों के लिए विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शनिवार, 27 जून को दोपहर 1 बजे नाथपा बांध से कुल 206 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पंडोह बांध से भी अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से नदी किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
प्रशासन के अनुसार, नाथपा बांध से सिल्ट फ्लशिंग के लिए गेट खोलकर 61 क्यूमेक्स तथा रेडियल गेट्स के माध्यम से 145 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा। इस तरह डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में कुल 206 क्यूमेक्स जल प्रवाह रहने की संभावना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सतलुज नदी में जल आवक और बढ़ती है तो रेडियल गेट्स के जरिए अतिरिक्त पानी भी छोड़ा जा सकता है, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में सतलुज नदी के किनारों पर न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बिना किसी पूर्व संकेत के तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
उधर, पंडोह बांध से 2,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में कुल जल प्रवाह करीब 6,000 क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंडी जिला प्रशासन ने भी लोगों और पर्यटकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
प्रशासन ने विशेष रूप से उन पर्यटकों को सावधान किया है जो पर्यटन स्थलों पर नदी किनारे जाकर फोटो, सेल्फी या रील बनाने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ऐसे स्थान बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए नदी किनारों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें और पुलिस व प्रशासन के सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने वर्ष 2014 के थलौट ब्यास नदी हादसे की भी याद दिलाई, जब पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर अचानक बढ़ने से हैदराबाद के 24 इंजीनियरिंग छात्र और एक टूर समन्वयक तेज बहाव में बह गए थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश में नदी किनारों पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों को समय-समय पर सतर्क करने की व्यवस्था को और मजबूत किया गया।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। नदी किनारों पर सेल्फी, वीडियो या रील बनाने के लिए न जाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों के बजाय केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।



